रेहान खान ( ब्यूरो चीफ)
Farrukhabad : पर्यूषण महापर्व एवं दशलक्षण धर्म की आराधना के समापन के बाद रविवार को जैन समाज ने क्षमावाणी पर्व श्रद्धा और आत्मचिंतन के साथ मनाया। लोहाई रोड स्थित 1008 श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को पांडुक शिला पर विराजमान कर विधि-विधान से पूजन, अभिषेक एवं बृहद शांतिधारा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मोहित जैन, अतुल जैन, नयन जैन एवं कन्हैया लाल जैन ने भगवान का अभिषेक किया, जबकि मयंक जैन ने शांतिधारा की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजन-अभिषेक किया और शांतिधारा में सहभागिता की।
मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ की आराधना कर सुख-शांति एवं विश्व कल्याण की कामना की। शांतिधारा के उपरांत क्षमावाणी की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से मन, वचन और कर्म से हुई जाने-अनजाने भूलों के लिए क्षमा मांगी।
जैन समाज में क्षमावाणी पर्व को आत्मशुद्धि, प्रेम और सौहार्द का पर्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ कहकर परस्पर क्षमा याचना की और जीवन में द्वेष न रखते हुए क्षमा, विनम्रता एवं मैत्री अपनाने का संकल्प लिया।
दशलक्षण महापर्व के दस दिनों के दौरान मंदिर में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य की आराधना की गई। क्षमावाणी पर्व के साथ महापर्व की धार्मिक साधना का समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रवीण जैन, पवन जैन, अमन जैन, अभिषेक जैन, संजय जैन, ममता जैन, नीलम जैन, स्वीटी जैन, वर्षा जैन, गुंजा जैन, नंदिता जैन, वीना जैन, पूनम जैन, राजकुमारी, संध्या जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
